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Mar 31, 2025

बोधगया मुक्ति आंदोलन २०२५

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बोधगया मुक्ति आंदोलन के ताजा समाचार के अनुसार, यह आंदोलन हाल के दिनों में तेजी से चर्चा में आया है। बौद्ध समुदाय के लोग लंबे समय से मांग कर रहे हैं कि बोधगया के महाबोधि मंदिर का प्रबंधन पूरी तरह से उनके नियंत्रण में दिया जाए। उनका कहना है कि यह मंदिर बौद्ध धर्म का सबसे पवित्र स्थल है, जहां भगवान बुद्ध ने ज्ञान प्राप्त किया था, इसलिए इसका संचालन बौद्धों के हाथों में होना चाहिए।हाल ही में, बौद्ध भिक्षुओं और अनुयायियों ने इस मांग को लेकर प्रदर्शन और अनशन शुरू किया है। मार्च 2025 में इस आंदोलन ने नया मोड़ लिया, जब भिक्षुओं ने आमरण अनशन शुरू किया और सरकार से मंदिर को "ब्राह्मणवादी नियंत्रण" से मुक्त करने की अपील की। बोधगया मंदिर प्रबंधन समिति में वर्तमान में चार बौद्ध और चार हिंदू सदस्य शामिल हैं, और अध्यक्ष के रूप में गया के जिलाधिकारी होते हैं। इस संरचना को लेकर बौद्ध समुदाय में असंतोष है, क्योंकि उनका मानना है कि यह व्यवस्था उनके धार्मिक अधिकारों का पूरी तरह से प्रतिनिधित्व नहीं करती।28 फरवरी 2025 को देश भर के जिला मुख्यालयों पर बौद्ध समुदाय ने ज्ञापन सौंपे, जिसके बाद 6 मार्च को धरना और 12 मार्च को रैली आयोजित की गई। आंदोलन के अगले चरण में बोधगया में लाखों लोगों की एक विशाल महारैली की योजना बनाई जा रही है। समर्थकों का कहना है कि यह केवल एक धार्मिक मुद्दा नहीं, बल्कि भारत की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को संरक्षित करने की लड़ाई है। दूसरी ओर, कुछ लोग इसे संवेदनशील मामला मानते हैं और इसका समाधान बातचीत से निकालने की वकालत कर रहे हैं।सरकार की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक बयान नहीं आया है, लेकिन यह आंदोलन देश भर में बौद्ध अनुयायियों के बीच एकजुटता का प्रतीक बनता जा रहा है। आगे की स्थिति पर सभी की नजरें टिकी हैं।

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